Breaking News

मेंथी है गुणों की खान , जानिए इसके 20 लाजवाब फायदे


मेंथी का उपयोग आयुर्वेद में बहुत सी औषधि बनाने के लिए प्रयुक्त किया जाता है। यह स्वास्थ्य की दृस्टि से बहुत ही गुणकारी होते है जिससे सैकड़ो बीमारीयों  को दूर किया जा सकता है।
www.khabar4you.com

मेंथी एक वनस्पतिक पौधा है जिसकी ऊंचाई 5 से 7 इंच के लगभग होती है। इसकी हरी पत्तियों को साग बनाने के काम में लिया जाता है और इसके दाने मसाले के रूप में प्रयुक्त किये जाते है। मेंथी का उपयोग आयुर्वेद में बहुत सी औषधि बनाने के लिए प्रयुक्त किया जाता है। यह स्वास्थ्य की दृस्टि से बहुत ही गुणकारी होते है जिससे सैकड़ो बीमारीयों  को दूर किया जा सकता है। इसके हरे पत्ते में फास्फोरस पाया जाता है वही इसके दाने में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, और कई प्रकार के खनिज तत्व जैसे आयरन, पोटेशियम, मैग्निशियम , कॉपर, जिंक आदि तत्व पाए जाते है ,इसके अतिरिक्त इसमें कई प्रकार के विटामिन्स जैसे विटामिन बी 6, विटामिन ए , विटामिन सी, फोलिक एसिड, थायमिन आदि जरुरी पोषक तत्व पाए जाते है।
मेंथी दाना की तासीर बहुत गर्म होती है इसलिए गर्म प्रकृति के लोगो को इसका उपयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए तथा जिन लोगो के शरीर से किसी भी प्रकार से रक्त श्राव होता हो जैसे मासिक धर्म, नकसीर, बवासीर, आदि समस्याओं के समय मेंथी का उपयोग करते समय कृपया अपने डॉक्टर की सलाह ले ले। आज के इस पोस्ट में हम आपको मेंथी के 20  लाजवाब फायदों के बारे में बताएँगे जिसका पूरा विवरण नीचे  दिया हुआ है।

(1) मधुमेह (डायबिटीज़ )

मधुमेह से पीड़ित लोगो के लिए मेंथी का  प्रयोग एक बहुत ही अच्छा उपाय है। मेंथी दाना में गैलेक्टोमैनन नामक  तत्व पाया जाता है जो शरीर में शुगर की मात्रा को कम करने में बहुत ही सहायक होते  है।
  • रात में 2 चम्मच मेंथी दाना को एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें और सुबह मेंथी दाना को निकाल कर उसे अच्छे से चबा -चबाकर खा लें और ऊपर से भिंगोया हुआ पानी पी ले। प्रतिदिन ऐसा करने से खुन में शक्कर का मिलना बंद हो जाता है जिससे शुगर या मधुमेह नियंत्रित हो जाता है।
  • 10 ग्राम मेंथी दाने को पीस कर रात में 250 मिलीलीटर पानी में भिंगो कर रख दे सुबह इसे अच्छे से मिलाकर और छानकर पी जाये। इस प्रकार 3 माह तक सेवन करने से मधुमेह  हमेशा के लिए मिट जाता है।
  • मेंथी के लड्डू बनाकर प्रतिदिन खाने से मधुमेह रोग में लाभ मिलता है।

(2) गले में छाले या टॉन्सिल्स 

2 चम्मच मेंथी दाना को 1 लीटर पानी में हल्की  आंच पर अच्छी तरह से उबाल ले और जब पानी चौथाई हिस्सा रह जाये तो इसे उतारकर ठंडा कर ले। अब इस पानी से दिन में तीन बार गरारे करने से छाले ठीक हो जायेंगे और टॉन्सिल्स भी ठीक हो जायेंगे। यदि मसूढ़ों से खुन आता हो तो ठीक हो  जायेगा।

(3) पेट दर्द

  • मेथी के चूर्ण को 2 चम्मच लेकर गर्म पानी के साथ फांकने से पेट की गैस,पेट में दर्द या ऐठन में लाभ मिलता है।
  • मेंथी दाना और अजवाइन को हल्का भूनकर बराबर मात्रा में पीस लें फिर इसमें आवश्यकतानुसार काला नमक मिलाकर गर्म पानी के साथ फांकने से पेट दर्द ठीक हो जाता है।

(4) खूनी बवासीर

  • 4 चम्मच मेंथी दाना को हल्का कूटकर 1 गिलास पानी में उबाले और जब इसकी मात्रा चौथाई हिस्सा रह जाये तब इसे उतारकर ठंडा कर ले। अब इस काढ़े को रोजाना सुबह -शाम पीने से खुनी बवासीर ठीक हो जाता है।
  • बवासीर होने का प्रमुख कारण कब्ज होती है अतः कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए आप रोजाना मेंथी के तजा हरी पत्ती के सब्जी बनाकर कुछ दिनों तक खाये  इससे कब्ज दूर होगी और पाचन संस्थान मजबूत होगी।

(5) गठिया रोग (जोड़ो में दर्द )

  • 1 /2 चम्मच मेंथी दाना लेकर सुबह खाली पेट ,दोपहर खाने के बाद और रात को खाने के बाद पानी के साथ फांकने से गठिया रोग में बहुत फायदा होता है। इससे घुटनों के सभी जोड़ मजबूत होते है और घुटनों के दर्द में आराम मिलता है।
  • 2 चम्मच मेंथी दाना को सुबह 1 गिलास पानी भिगोकर शाम को पूरा पानी पी जाये और मेंथी दाना चबाकर खा ले , इसी तरह 2 चम्मच मेंथी दाना को रात में भिगोकर सुबह खाये। इस तरह प्रतिदिन सेवन करने से गठिया के रोग  में बहुत आराम मिलेगा और जोड़ो के दर्द ठीक हो जायँगे।
  • मेंथी दाना 50 ग्राम ,सोंठ 50 ग्राम,अश्वगंधा 50 ग्राम और हल्दी 25 ग्राम लेकर इसका बारीक चूर्ण बनाकर शीशी में भरकर रख लें। अब इसे सुबह और रात में खाना खाने के 30 मिनट बाद 1 चम्मच पावडर गर्म पानी के साथ प्रतिदिन सेवन करे। इससे सभी प्रकार के गठिया रोगो से मुक्ति मिलेगी।

(6) रोग प्रतिरोधक ,शक्तिवर्धक

मेंथी में एंटीऑक्सीडेंट्स होते है जो रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाते है।  2 चम्मच मेंथी दाना को हल्का कूटकर इसे 1 गिलास पानी में पांच से छः घंटे भिगोकर रखे और फिर इसे हलकी आंच पर इतना उबाले कि चौथाई मात्रा रह जाये। अब इसे छान ले और 2 चम्मच लेकर शहद के साथ प्रतिदिन 1 बार पिए।  इससे शरीर की कमजोरी दूर होती है और शरीर शक्तिशाली बनती है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। इसका सेवन करने से भूख भी बढ़ेगी और पाचन संस्थान मजबूत होगा। मेंथी में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है जो शरीर को शक्ति देकर खुन में वृद्धि करता है।

(7) यौन रोगों में

  • 100 ग्राम मेंथी दाना को घी में भूनकर दरदरा कूट ले और एक शीशी में भरकर रख ले और इसे 1 चम्मच लेकर दिन में तीन बार गर्म पानी के साथ फांक ले
  • 100 ग्राम मेंथी दाना और 100 ग्राम सूखा धनिया लेकर बारीक़ पीस ले और मिक्स करके शीशी में भरकर रख ले अब इसे 2 चम्मच सुबह और रात में गर्म दूध के साथ प्रतिदिन 3 महीने सेवन करे। इससे मर्दाना  शक्ति बढ़ती है और वीर्य में वृद्धि होती है। आप चाहे तो मेंथी के लड्डू बनाकर भी ले सकते है।

(8) सुखपूर्वक प्रसव के लिए

1 किलो मेंथी दाना को बारीक़ पीस ले और हलकी आंच पर  देशी घी में भून ले फिर इसमें 1 किलो गुड़ डालकर दोबारा घी में भून ले और जब मेंथी ,गुड़ और घी एक सा हो जाये तो इसे उतारकर ठंडा होने दे फिर 20 -20 ग्राम के लड्डू बना ले। यदि गर्भवती स्त्री आठवे महीने से प्रतिदिन सुबह 1 लड्डू खाये तो 9 महीने के बाद बच्चे का जन्म बिना कस्ट के आसानी से हो जाता है। 

(9) खुन की कमी 

मेंथी में अत्यधिक मात्रा में आयरन पाया जाता है। इसलिए यह एनीमिया या खुन की कमी में बहुत फायदेमंद है। मेंथी और बथुआ की सब्जी बनाकर प्रतिदिन सेवन करने से खून की  कमी दूर होती है और खुन में वृद्धि होती है। यह खुन को शुद्ध करके ख़राब कोलेस्ट्रॉल को दूर करता है।

(10) बालों के लिए

  • मेंथी बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद है। यदि आपके बाल सफ़ेद हो रहे है तो प्रतिदिन मेंथी का तेल अपने बालों पर लगाए कुछ ही दिनों में आपके बाल काले हो जायेंगे।
  • ताजे मेंथी के पत्तो को नारियल के दूध या तेल के साथ  मिलाकर पेस्ट बना लीजिये। इस पेस्ट को बालों की जड़ों में लगाने से बालों का गिरना या झड़ना बंद हो जाता है तथा बालों का सफ़ेद होना रुक जाता है और बालों में रुसी की समस्या भी दूर हो जाती है।

(11) त्वचा के लिए

  • मेंथी के ताजे पत्ती और हल्दी का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से कील मुहांसे और काले दाग धब्बे दूर हो जाते है।
  • मेंथी दाना को दूध में इतना भिगोये की वह दूध को सोंख ले फिर इसे पीस कर चेहरे पर लगाने से त्वचा का सूखापन दूर होता है और चेहरे की रंगत में निखार आता है।
  • मेंथी की हरी पत्तियों का पेस्ट बनाकर रात में चेहरे पर लगाकर सुबह ठन्डे पानी से धो ले। प्रतिदिन  ऐसा करने से चेहरे का कालापन ,मुहांसे, सूखापन,झुर्रिया दूर हो जाती है और चेहरे का रंग साफ हो जाता है।

(12) गर्मियों में लू लगना

  • मेंथी की सुखी पत्तियों को ठन्डे पानी में 2 घंटे तक भिंगोकर रखे और जब अच्छी तरह से भीग जाय तब उसे मसलकर पानी को छान ले। अब इसमें थोड़ा शहद मिलाकर रोगी को पिलाने से लू का प्रभाव समाप्त हो जाता है।
  • यदि मेंथी की सुखी पत्ती न मिले तो ताजा पत्तियों को मसलकर रस  निकाल ले और इसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर रोगी  को पिलाने से लू का प्रभाव कम होता है।

(13) माँ का दूध बढ़ाने के लिए

शिशुओं को स्तनपान करने महिलाओं के लिए मेंथी का सेवन  बहुत ही लाभकारी माना जाता है इसमें गैलेक्टोगोग्स  नामक तत्व पाया जाता है जो स्तनों में दूध की मात्रा को बढ़ाने में सहायक है। इसमें विटामिन्स और मैग्नीशियम पाया जाता है जो दूध की गुणवत्ता बढाकर शिशु के स्वास्थ्य में सुधार लाता है। एक चम्मच  मेंथी के बीज को हल्का कूटकर एक कप पानी में रात भर भिंगोकर रखे और अगले दिन सुबह मेंथी के बीज को पानी सहित एक मिनट के लिए उबाल ले और छानकर प्रतिदिन पिए।

    (14)ह्रदय के लिए

    मेंथी के बीजों में एंटीऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते है जो ह्रदय स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। यह ह्रदय रोग के दो प्रमुख कारण रक्त शर्करा और मोटापे को नियंत्रित कर ह्रदय रोग के खतरे को काफी हद तक कम  कर देता है। 4  चम्मच मेंथी दाना को हल्का कूटकर इसे 1 गिलास पानी में पांच से छः घंटे भिगोकर रखे और फिर इसे हलकी आंच पर इतना उबाले कि चौथाई मात्रा रह जाये। अब इसे छान ले और 2 चम्मच लेकर शहद के साथ प्रतिदिन 1 बार पिए।

    (15) कब्ज की समस्या

    कब्ज होने पर मल त्याग करने में परेशानी होती है अतः मल त्याग को नियमित करने के लिए मेंथी का प्रयोग एक सर्वोत्तम उपाय है। इसके लिए  मेंथी के बीजो को बारीक़ पीसकर महीन चूर्ण तैयार करके शीशी में सुरक्षित रख ले और रोजाना रात्रि में सोने से पहले एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच पावडर मिलाकर पीने से कब्ज की समस्या से छुटकारा मिल जाता है।

    (16) मासिक धर्म के लिए

    मेंथी में कुछ ऐसे तत्व पाए  है जिसमे एस्ट्रोजेन सम्बंधित गुण समाहित होते है  जो मासिक धर्म में गड़बड़ी या रजनोवृत्ति से जुड़े लक्षणों को दूर करने में सहायक होते है। यह खून को साफ़ और शुद्ध कर खून की कमी को पूरा करता है। 4 चम्मच मेंथी के बीजों को एक गिलास पानी में डालकर हलकी आंच पर इतना उबाले कि वह आधा रह जाय तब इसे तब इसे छानकर गरम गरम ही पी ले। इससे मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द में आराम मिलेगा और मासिक धर्म खुलकर आएगा।

    (17) खांसी में लाभ

    • दो चम्मच मेंथी के बीजों को दो कप पानी में डालकर उबाले और जब यह पानी एक कप बच जाय तो इसे उतारकर ठंडा करके छान ले और इसमें चार चम्मच शहद मिलाकर पिए। इससे दमा ,बलगम वाली खांसी ,छाती में भारीपन आदि में लाभ मिलता है।
    • दो चम्मच मेंथी के बीजो को 250 मिलीलीटर पानी में हल्की  आंच पर इतना उबाले कि इसका चौथाई हिस्सा रह  जाय तो  इसे छानकर गरम ही पी ले। इससे कफ -खांसी ,जुकाम ,गले में खराश आदि में लाभ मिलता है।

    (18) कान के दर्द 

    यदि आपको 5 मिनट में ही कान के दर्द को ठीक करना है तो आप मेंथी के बीजों का प्रयोग कर सकते है इसके लिए आप सरसो का तेल लेकर उसमे मेंथी के बीज डालकर गर्म करे और जब यह अच्छे से गर्म हो जाय तब इसे ठंडा करके  छान ले और इसकी 2  बूंदें कान में डालने से कान का दर्द तुरंत ही  ठीक हो जाता है।    

    (19) आग से जलने पर

    मेंथी के बीजों  को पानी के साथ पीसकर जले हुए स्थान पर लगाने से तुरंत ही जलन शांत हो जाती है और जले हुए स्थान पर घाव नहीं बनता है।

    (20)  छाती में दर्द

    2 चम्मच मेंथी दाना को हल्का कूटकर इसे 1 गिलास पानी में पांच से छः घंटे भिगोकर रखे और फिर इसे हल्की आंच पर इतना उबाले कि चौथाई मात्रा रह जाये। अब इसे छान ले और 2 चम्मच  शहद मिलाकर रात्रि में सोने से पहले पीने से छाती के दर्द में आराम मिलता है।

    नोट : यह लेख या जानकारी केवल सामान्य ज्ञान प्रदान करती है अधिक जानकारी के लिए हमेशा एक योग्य विशेषज्ञ या डॉक्टर की परामर्श ले। khabar4you.com  इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है। 
    आशा करता हु कि आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी। ऐसे ही उपयोगी जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहिये।और अपने सुझाव और सवाल के लिए हमें कमेंट करे और इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे। 







    No comments